नई दिल्ली। संसदीय कार्यमंत्री पवन बंसल ने कहा कि इस बहस की लिस्टिंग होना जरूरी है। सरकार की तरफ से अन्ना को इशारा किया गया है कि अगर वो अनशन तोड़ने का ऐलान नहीं करते तब तक लिस्टिंग नहीं हो सकती है। हालात का विश्लेषण करें तो दोनों पक्ष अगर अड़े रहते हैं तो आज संसद में बहस संभव नहीं है।
गौरतलब है कि अन्ना की मांग मानते हुए सरकार ने कहा कि आज संसद में लोकपाल बिल के तीन मसौदों पर चर्चा होगी। इनमें टीम अन्ना के जनलोकपाल बिल के अलावा अरुणा राय और जयप्रकाश नारायण के लोकपाल बिल के मसौदे भी शामिल हैं। संसद में जनलोकपाल बिल पर समर्थन जुटाने के इरादे से बीती रात टीम अन्ना बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के घर पर पहुंची। यहां उनकी मुलाकात आडवाणी समेत बीजेपी के कई बड़े नेताओं से हुई। बैठक के बाद अन्ना के प्रमुख सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी मोटे तौर पर जनलोकपाल बिल से सहमत है।
वहीं, सियासी गलियारों में गहमागहमी बनी हुई है। कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी प्रधानमंत्री से मिलने उनके घर पहुंचे। राहुल 7 आरसीआर पहुंचे। संसद में जनलोकपाल बिल पर होने वाली चर्चा के मद्देनजर इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है। सरकार ने अन्ना हजारे से अनशन खत्म करने के लिए लिखित आश्वासन मांगा है। सूत्रों के मुताबिक सरकार समझौते का मन तो बना रही है, लेकिन समझौते के बाद अन्ना अनशन तोड़ दें। इसकी गारंटी भी चाहती है।

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